ऐसा वर दो — पाठ 1 (पृष्ठ 123–133) उत्तर माला
📘 पृष्ठ 123 — बातचीत के लिए
1) चित्रों में कौन-कौन हैं?
चित्रों में माता-पिता और बच्चे, साधु-संत तथा एक बुज़ुर्ग (दादाजी) हैं।
2) चित्रों में बच्चे क्या कर रहे हैं?
चित्रों में बच्चे बड़ों को प्रणाम कर रहे हैं और उनकी सेवा-सम्मान कर रहे हैं।
3) बड़ों का आदर क्यों करना चाहिए?
बड़ों के पास अनुभव और ज्ञान होता है, इसलिए हमें सदा उनका आदर करना चाहिए।
📘 पृष्ठ 124 — कविता आधारित प्रश्न
1) बच्चे कब खुशी मनाते हैं?
बच्चे परहित (दूसरों की भलाई) करके खुशी मनाते हैं।
2) बच्चे किस मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं?
बच्चे सत्य-मार्ग पर बढ़ना चाहते हैं।
📘 पृष्ठ 125 — सुनिए-बोलिए
1) कविता में बच्चे क्या कर रहे हैं?
कविता में बच्चे भगवान से अच्छे सद्गुणों का वर माँग रहे हैं।
2) हमें सत्यमार्ग पर क्यों बढ़ना चाहिए?
सत्यमार्ग पर चलने से हमें सही राह मिलती है, लोग हम पर विश्वास करते हैं और जीवन में सफलता मिलती है।
3) बच्चे भगवान से कैसे वर माँगते हैं?
बच्चे भगवान से सद्गुण, प्रेम, ज्ञान और बुद्धि का वर माँगते हैं।
📘 पृष्ठ 126 — पढ़िए
अ) सही वाक्य पर नक्षत्र (★) लगाइए :
| 1) भगवन हम को ऐसा वर दो | ★ |
| 2) सब पर द्वेष लुटाएँ | — |
| 3) हम परहित कर दुख मनाएँ | — |
| 4) असत्य-मार्ग पर बढ़ते जाएँ | — |
| 5) सबको ही सन्मार्ग दिखाएँ | ★ |
आ) रिक्त स्थान भरिए :
1) जग के सारे सद्गुण भर दो।
2) सब पर प्रेम सुगंध लुटाएँ।
3) ऐसे भाव हृदय में भर दो।
4) सब मिलकर जीवन फल पाएँ।
5) ऐसे ज्ञान बुद्धि भर दो।
इ) 'स' वर्ण और 'उ-ु' मात्रा से प्रारंभ होनेवाले शब्द :
| 'स' से शुरू होनेवाले शब्द | 'उ-ु' से शुरू होनेवाले शब्द |
|---|---|
| उदा :- सब | उदा :- सुगंध |
| 1. सारे | 1. मुस्काएँ |
| 2. सद्गुण | 2. खुशी |
| 3. सुगंध | 3. बुद्धि |
| 4. सत्य | 4. लुटाएँ |
| 5. सन्मार्ग | 5. (पद्य में इससे अधिक शब्द उपलब्ध नहीं) |
📘 पृष्ठ 127
ई) समान उच्चारण वाले शब्द पर (✓) चिह्न लगाइए :
| 1) मित्र | इतर ( ) | चित्र (✓) | कार्य ( ) |
| 2) वर | भर (✓) | बन ( ) | घन ( ) |
| 3) फूल | ढाल ( ) | शूल (✓) | भार ( ) |
| 4) भाव | भाषा ( ) | भला ( ) | घाव (✓) |
| 5) बढ़ | पढ़ (✓) | लग ( ) | सक ( ) |
उ) अपठित गद्यांश (ध्रुव) — सही उत्तर :
| 1) ध्रुव के पिता कौन थे? | A) महाराज उत्तानपाद |
| 2) ध्रुव को किनका मार्ग दर्शन मिला? | C) नारद का |
| 3) ध्रुव ने कितने महीने तपस्या की? | A) छः |
| 4) तपस्या से ध्रुव को क्या मिला? | A) भगवान से वर |
| 5) ध्रुव को कौन-सा वर मिला? | A) तारा बनने का |
📘 पृष्ठ 128
ऊ) पाठ के आधार पर सही क्रम दीजिए :
| 1) ऐसे ज्ञान, बुद्धि से भर दो | (4) |
| 2) भगवन हमको ऐसा वर दो | (5) |
| 3) सत्य मार्ग पर बढ़ते जाएँ | (1) |
| 4) सब मिलकर जीवन फल पाएँ | (3) |
| 5) सबको ही सन्मार्ग दिखाएँ | (2) |
लिखिए — अ) तीन-चार वाक्यों में उत्तर :
1) सद्गुण किसे कहते हैं?
अच्छे गुणों को सद्गुण कहते हैं। जैसे सच बोलना, दूसरों की मदद करना, प्रेम करना और दया करना। ये गुण हमारे जीवन को अच्छा बनाते हैं।
2) हमें किस मार्ग पर चलना चाहिए? क्यों?
हमें सत्य मार्ग पर चलना चाहिए, क्योंकि इससे हमें सही दिशा मिलती है, लोग हम पर विश्वास करते हैं और जीवन में सफलता मिलती है।
3) बच्चे अपने मन में कैसे भाव भर लेना चाहते हैं?
बच्चे अपने मन में प्रेम, दया, परोपकार और सहानुभूति जैसे अच्छे भाव भर लेना चाहते हैं, ताकि वे सबकी भलाई कर सकें।
4) कवि त्रिलोक सिंह ठकुरेला के बारे में लिखिए।
कवि त्रिलोक सिंह ठकुरेला का जन्म अक्तूबर 1966 ई. में नगला मिश्रिया, हाथरस, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनकी प्रसिद्ध रचनाएँ नया सवेरा, काव्यगंधा आदि हैं।
5) इस कविता से आपको क्या संदेश मिलता है?
इस कविता से हमें यह संदेश मिलता है कि हमें सदा अच्छे गुण अपनाने चाहिए, सबसे प्रेम करना चाहिए और सत्य मार्ग पर चलना चाहिए।
आ) 'ऐसा वर दो' कविता का सारांश :
इस कविता में बच्चे भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें अच्छे गुण, प्रेम, ज्ञान और बुद्धि का वर मिले, ताकि वे सबकी भलाई कर सकें और सत्य के मार्ग पर चल सकें।
भाषांश — अ) दो सही नामों पर गोला लगाइए :
| 1) चित्र (विश्व) | (संसार) ✓ | (दुनिया) ✓ | सागर |
| 2) चित्र (फूल) | (कुसुम) ✓ | उपज | (सुमन) ✓ |
| 3) चित्र (हँसमुख) | (मुस्कुराना) ✓ | पेट | (हँसना) ✓ |
| 4) चित्र (बालक) | हाथ | (शरीर) ✓ | (काया) ✓ |
| 5) चित्र (सड़क) | (रास्ता) ✓ | काला | (पथ) ✓ |
📘 पृष्ठ 129
आ) अंत्याक्षरी :
| 1) परहित | - | तबला | - | लाज | - | जल |
| 2) वर | - | रस्ता | - | ताला | - | लाल |
| 3) फल | - | लता | - | ताजा | - | जाल |
| 4) भाव | - | वन | - | नल | - | लता |
| 5) सुगंध | - | धन | - | नल | - | लकड़ी |
इ) सही विलोम शब्द से रिक्त स्थान भरिए :
1) सद्गुण × दुर्गुण
2) खुशी × ग़म
3) वर × शाप
4) सत्य × असत्य
5) ज्ञान × अज्ञान (विकल्प में सबसे उपयुक्त — बुद्धि/विवेक के विपरीत अज्ञान)
ई) बेमेल शब्द पर गोला "◯" लगाइए :
| 1) पत्ता | फूल | फल | ◯ पहाड़ |
| 2) जड़ | तना | ◯ पेट | डाली |
| 3) प्रेम | प्यार | स्नेह | ◯ द्वेष |
| ◯ अधर्म | सत्य | सहानुभूति | दया |
| 5) खुशी | ◯ दुःख | आनंद | हर्ष |
📘 पृष्ठ 130
उ) वर्ण विच्छेद कीजिए :
| 1) परहित | प्+अ+र्+अ+ह्+इ+त्+अ |
| 2) सद्गुण | स्+अ+द्+ग्+उ+ण्+अ |
| 3) मुस्कान | म्+उ+स्+क्+आ+न्+अ |
| 4) भगवन | भ्+अ+ग्+अ+व्+अ+न्+अ |
| 5) हृदय | ह्+ऋ+द्+अ+य्+अ |
ऊ) डिब्बों को सार्थक शब्दों से पूर्ति कीजिए :
ग्रिड 1 — केंद्र में 'ब' भरें: ऊपर से नीचे पढ़ने पर सबको तथा बाएँ से दाएँ पढ़ने पर सबल शब्द बनता है।
ग्रिड 2 — केंद्र में 'म' भरें: ऊपर से नीचे पढ़ने पर हमको तथा बाएँ से दाएँ पढ़ने पर हमसे शब्द बनता है।
ग्रिड 3 (नमूना) — केंद्र में 'ल' भरें: ऊपर से नीचे कलम तथा बाएँ से दाएँ पलट जैसे सार्थक शब्द बनाए जा सकते हैं।
📘 पृष्ठ 131
परियोजना कार्य — आप भगवान से कौन-कौन से वर माँगते हैं? (नमूना सूची) :
1) अच्छी सेहत का वर
2) अच्छी शिक्षा पाने का वर
3) सबसे प्रेम करने का वर
4) सच बोलने की शक्ति का वर
5) माता-पिता की सेवा करने का वर
अनुवाद — मातृभाषा (तेलुगु) में अनुवाद कीजिए :
| 1) पेड़ों से हमें फूल-फल मिलते हैं। | చెట్ల నుండి మనకు పూలు-పండ్లు లభిస్తాయి. |
| 2) पेड़ों से हमें छाया मिलती है। | చెట్ల నుండి మనకు నీడ లభిస్తుంది. |
| 3) पेड़ हमें शुद्ध हवा देते हैं। | చెట్లు మనకు స్వచ్ఛమైన గాలిని ఇస్తాయి. |
| 4) पेड़ धरती की शोभा बढ़ाते हैं। | చెట్లు భూమి అందాన్ని పెంచుతాయి. |
| 5) हमें पेड़ों की रक्षा करनी चाहिए। | మనం చెట్లను రక్షించాలి. |
📘 पृष्ठ 132 — व्याकरणांश (संज्ञा)
अ) वाक्यों में संज्ञा शब्दों को रेखांकित करके लिखिए :
| 1) भगवन, हम को ऐसा वर दो। | जः भगवन, वर |
| 2) फूल खिलते हैं। | जः फूल |
| 3) ऐसे भाव हृदय में भर दो। | जः भाव, हृदय |
| 4) ऐसा ज्ञान बुद्धि से भर दो। | जः ज्ञान, बुद्धि |
| 5) परहित में ही हमारी खुशी है। | जः परहित, खुशी |
📘 पृष्ठ 133
आ) आपकी कक्षा के सोमवार के दिन की समय सारिणी (नमूना) :
| क्र.सं. | सोमवार | विषय |
|---|---|---|
| 1) | पहला कालांश | तेलुगु |
| 2) | दूसरा कालांश | हिंदी |
| 3) | तीसरा कालांश | अंग्रेज़ी |
| 4) | चौथा कालांश | गणित |
| 5) | पाँचवाँ कालांश | विज्ञान |
| 6) | छठा कालांश | सामाजिक शास्त्र |
| 7) | सातवाँ कालांश | शारीरिक शिक्षा |
| 8) | आठवाँ कालांश | पुस्तकालय |
(यह समय सारिणी एक नमूना है — विद्यार्थी अपने विद्यालय की वास्तविक समय सारिणी के अनुसार भर सकते हैं।)


